-कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया निर्णय
भोपाल।
जिले में सोनोग्राफर्स और रेडियोलाजिस्ट को गर्भवती महिला की सोनोग्राफी करते समय प्रपत्र-एफ पर एमसीटीएस (मदर एण्ड चाईल्ड ट्रेकिंग सिस्टम) का नंबर भी दर्ज करना होगा। कलेक्टर की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई पीएनडीटी एक्ट की जिला सलाहकार समिति की बैठक में लिया गया।
बैठक में पीएनडीटी एक्ट के तहत नवीन सोनोग्राफी सेंटर के पंजीयन के संबंध में निर्णय लिया गया कि शासकीय होम्यौपैथी चिकित्सा महाविद्यालय पुतलीघर और जवाहर चौक स्थित डॉ. आशुतोष सिंह के हार्ट क्लिीनिक का नया सिरे से पंजीयन किया जाए। इसके साथ ही पंजीयन नवीनीकरण के संबंध में प्रस्तुत किए गए प्रकरणों में ऐसे प्रकरण जिनमें पिछले दिनों जांच के दौरान कमियां पाई गई थी। इसको पुन: परीक्षण कराने का निर्णय लिया गया।
बैठक में श्री वरवड़े के साथ मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. पकंज शुक्ला, डीडीपी राजेश रायकवार, समिति के सदस्य डॉ. शोभा खोत, डॉ. रेणु चुघ, डॉ. शालिनी कपूर, डॉ. शैलेश लूनावत, प्रभारी सिविल सर्जन जेपी हास्पिटल डॉ. एबी सिंह, डीपीओ वीएस राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। निर्णय लिए जाने के बाद सभी सोनाग्राफी क्लीनिकों को एक्ट के प्रावधानों के तहत पालन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सोनोलाजिस्ट और गायनोकाजिस्ट की एक संयुक्त बैठक में सह कार्यशालाएं आयोजित करने का भी निर्णय लिया। उल्लेखनीय है कि ऐसा होने से कई दिक्कतों पर विराम लगेगा।
भोपाल।
जिले में सोनोग्राफर्स और रेडियोलाजिस्ट को गर्भवती महिला की सोनोग्राफी करते समय प्रपत्र-एफ पर एमसीटीएस (मदर एण्ड चाईल्ड ट्रेकिंग सिस्टम) का नंबर भी दर्ज करना होगा। कलेक्टर की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई पीएनडीटी एक्ट की जिला सलाहकार समिति की बैठक में लिया गया।
बैठक में पीएनडीटी एक्ट के तहत नवीन सोनोग्राफी सेंटर के पंजीयन के संबंध में निर्णय लिया गया कि शासकीय होम्यौपैथी चिकित्सा महाविद्यालय पुतलीघर और जवाहर चौक स्थित डॉ. आशुतोष सिंह के हार्ट क्लिीनिक का नया सिरे से पंजीयन किया जाए। इसके साथ ही पंजीयन नवीनीकरण के संबंध में प्रस्तुत किए गए प्रकरणों में ऐसे प्रकरण जिनमें पिछले दिनों जांच के दौरान कमियां पाई गई थी। इसको पुन: परीक्षण कराने का निर्णय लिया गया।
बैठक में श्री वरवड़े के साथ मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. पकंज शुक्ला, डीडीपी राजेश रायकवार, समिति के सदस्य डॉ. शोभा खोत, डॉ. रेणु चुघ, डॉ. शालिनी कपूर, डॉ. शैलेश लूनावत, प्रभारी सिविल सर्जन जेपी हास्पिटल डॉ. एबी सिंह, डीपीओ वीएस राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। निर्णय लिए जाने के बाद सभी सोनाग्राफी क्लीनिकों को एक्ट के प्रावधानों के तहत पालन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सोनोलाजिस्ट और गायनोकाजिस्ट की एक संयुक्त बैठक में सह कार्यशालाएं आयोजित करने का भी निर्णय लिया। उल्लेखनीय है कि ऐसा होने से कई दिक्कतों पर विराम लगेगा।
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