शनिवार, 14 सितंबर 2013

- तहसील कार्यालय के चक्कर काट-काट कर हो गया था हताश

 - पुलिस ार्ती की कर रहा था तैयारी
भोपाल। 
पिपलानी इलाके में रहने वाले एक बेरोजगार युवक ने सल्फास की गोलियां ााकर आत्महत्या कर ली। वह पिछले डेढ़ साल से जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था। लेकिन प्रमाण पत्र नहीं बन पाया था। पंद्रह सितंबर को युवक का पुलिस के लिए सीहोर में टेस्ट होना था। प्रमाण पत्र नहीं बना तो, उसने हताश होकर दो दिन पहले सल्फास की गोलियां ाा ली थी। पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है।
 पुलिस के मुताबिक 30 वर्षीय राजपाल पिता हरीराम पिपलानी स्थित नरेरा शंकरी गांव में रहता था। राजपाल के पिता हरिराम पीटीआरआई जहांगीराबाद में हेड कॉस्टेबल के पद पर पदस्थ है। वह फिलहाल बरोजगार था और उसने पुलिस में ार्ती होने के लिए फामर् ारा था, जिसके लिए पंद्रह सितंबर को उसका टेस्ट होना था। अनुसूचित जाति का होने के कारण वह पिछले करीब डेढ़ साल से जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था। बावजूद इसके प्रमाण पत्र नहीं बन पाया। इसी बात से दु ाी होकर दो दिन पहले 11 सितंबर को उसने सल्फास की गोली ाा ली थी। उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में ार्ती कराया गया था। जहां शुक्रवार सुबह युवक की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कर शव को परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है।

- वर्दी पहनने की थी चाह
मृतक राजपाल के दोस्तों का कहना है कि बचपन से उसका सपना पुलिस में ार्ती होने का था। उसके सपनों को सरकारी कार्यालय में हो रही मक्कारी ने कुचल दिया। पहले वह ड्रायवरी करता था। ड्रायवरी छोड़कर पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था। 15 सितंबर को सीहोर में पुलिस की भर्ती के लिए उसका टेस्ट होना, जिसमें जाति प्रमाण पत्र लगना था जिसके बनने में काफी दिक्कत आ रही थी। इसी से परेशान होकर उसने सल्फास ाा लिया।

- डेढ़ साल से लगा था चक्कर
मृतक राजपाल के पिता हरीराम का कहना है कि वह पिछले डेढ़ साल से जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था। 27 सितंबर को उसे जाति प्रमाण पत्र देने के लिए कहा गया था। लेकिन उस दिन ाी जाति प्रमाण पत्र मिलने की बजाए उसे वहां से बहाना बनाकर चलता कर दिया गया। पुलिस ार्ती की परीक्षा में आवदेन   के साथ उसे जाति प्रमाण पत्र अटेज करना था। तहसील कार्यालय के डेढ़ साल से चक्कर काटने के बाद ाी जब उसका जाति प्रमाण पत्र नहीं बना, तो वह हताश होने के साथ ही मानसिक रूप से परेशान हो गया था।

 बोले अधिकारी -
  डेढ़ साल के आवेदन की तलाश जारी -
  अपर कलेक्टर बसंत कुर्रे ने बताया कि नवीन जो आवेदन 27 अगस्त को जमा किया गया था, उसके निराकरण की समयसीमा 27 सितंबर तय की गई है। हालांकि राजपाल के पिता हरिराम के अनुसार वर्ष 2011 से उनका लड़का जाति प्रमाण पत्र के लिए भटक रहा था, जो बाद में निरस्त हो गया है। उसको भी ढुंढवाया जा रहा है।

-प्रकरण में विल ब नहीं -
  एसडीएम एवं नजूल अधिकारी गोविन्दपुरा डीसी सिंघी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राजपाल कैथेले के जाति प्रमाण पत्र बनाने में विल ब जैसी स्थिति नहीं बनती। आवेदक राजपाल कैथेले के आवेदन पत्र पर जाति प्रमाण पत्र देने या आवेदन के निराकरण के लिए 27 सित बर-13 की तिथि निश्चित की गई है । आवेदक का आवेदन 27 अगस्त-13 को कलेक्ट्रेट कार्यालय के समाधान केन्द्र में प्रस्तुत किया गया था, जो दो सित बर को एसडीएम कार्यालय में निराकरण के लिए प्राप्त हुआ। जिसका निराकरण कर 27 सित बर-13 तक होना निश्चित किया गया था। प्रकरण जांच में है, जिसका निराकरण 27 सितंबर तक पूर्ण करके दे दिया जाता। एसडीएम ने बताया कि यह सभी अभिलेख आॅन रिकार्ड हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें