शनिवार, 14 सितंबर 2013

नि:शुल्क दवा वितरण:

दवा की दूरी अब भी दे रही दर्द 
-दवाईयां बाहर से खरीदने को मजबूर परिजन
भोपाल। 
प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा देने की घोषणा कर भले ही कर रखी हो, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। अस्पतालों में सस्ती दवाएं तो उपलब्ध है लेकिन जिन दवाओं के दाम अधिक है उनकी उपलब्धता न के बराबर है। जिसके चलते मरीजों को महंगी दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं।  गौरतलब है कि सरकार ने अस्पतालों में मरीजों को नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराने के लिए सरदार बल्लभ भाई पटेल नि:शुल्क दवा वितरण योजना चालू की है, लेकिन मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इन दवाओं की अनुपलब्धता
स्वास्थ्य विभाग सूत्रों के अनुसार, यदि रोगी को गंभीर इंफेक्शन हुआ हो तो उसे देने के लिए सिफरोसाइम या डिकोप्लानिंग इंजेक्शन राजधानी के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में नहीं है। इसी तरह हार्ट अटैक होने पर दिया जाने वाला यूरोकायनेज, स्ट्रेप्टोकायनेज, सिर की चोट लगने या मिर्गी के दौरे के मरीज को दी जाने वाली दवा एप्सोलिन भी अस्पतालों में नहीं है। प्री-मेच्योर डिलीवरी होने पर नवजात बच्चों को दिया जाने वाला सरफेक्टेंट इंजेक्शन भी अस्पताल में नहीं है। यह इंजेक्शन बाजार में चार से पांच हजार रुपए तक मिलता है। सड़क हादसे के बाद हाथ-पैर सुन्न होने पर रोगियों को दी जाने वाली जीवन रक्षक दवा मैथाइल प्रोग्नोसोल भी नहीं है। इस इंजेक्शन का न्यूरोलॉजी विभाग में अधिक उपयोग होता है। यह इंजेक्शन बाजार में एक हजार से 12 सौ रुपए तक मिलता है। राजधानी के कुछ अस्पतालों में यदि कोई हार्ट अटैक का रोगी पहुंच जाए तो उसे लगाने के लिए यूरोकायनेज, स्ट्रेप्टोकायनेज इंजेक्शन नहीं है। ये इंजेक्शन बाजार में दो हजार से तीन हजार रुपए तक में आते हैं। इतना ही नहीं, चक्कर और डायबिटीज की दवाएं भी नहीं हैं। फेफड़ों और मुंह के कैंसर पीड़ितों को दिए जाने वाला डोसीटेक्सिल इंजेक्शन नि:शुल्क दवा की सूची में होने के बाद भी आजतक अस्पताल में नहीं आया। ये इंजेक्शन बाजार में पांच से छह हजार रुपए में मिलता है। कैंसर के अस्पताल में सिर्फ  पांच तरह के ही इंजेक्शन उपलब्ध हैं।

-जानकारी नहीं 
इस संबंध में मुझे किसी प्रकार की जानकारी नहीं है। दवाओं को कमी और न मिलने की बात आपके माध्यम से पता चल रही है। मैं दिखवाता हूं। अस्पतालों में जल्द इन्हं उपलब्ध कराया जाएगा। 
डॉ. पंकज शुक्ला, सीएमएचओ 

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