बुधवार, 23 जनवरी 2013

न लडऩे के लिए लगाई धाराएं ,छह माह तक न लडऩे का करार

-साहू समाज से बहिष्कृत लोगों का मामला 
-पक्ष-विपक्ष को छह माह तक करना होगा आदेश का पालन 
भोपाल। 
जिला प्रशासन ने साहू समाज के दो पक्षों को आपस में न लडऩे के लिए धाराएं लगाई हैं। इसके तहत यह छह माह तक एक दूसरे पर छींटाकशी और लड़ाई नहीं करेंगे। ऐसे न होने पर जिला प्रशासन जाफता फौजदारी की धारा १०७ और ११६ के तहत दोनों पक्षों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करेगा। 
यह कार्यवाही अनुविभागीय अधिकारी, शहर जीएस धुर्वे ने की। सोमवार को जनसुनवाई में साहू समाज से बहिष्कृत चार परिवार अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे। उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले साहू समाज द्वारा इन चार परिवारों को बहिष्कृत कर दिया गया था। इसके बाद से ही दो पक्षों में विवाद की स्थिति बनती रही। प्रशासनिक अधिकारियों के पास भी दोनों ने कईयों बार शिकायतें दी थी। एसडीएम ने दोनों पक्षों से छह माह तक आपस में न लडऩे का करार कराया है। श्री धुर्वे ने बताया कि साहू समाज द्वारा बहिष्कृत करने और मानसिक रूप से प्रताडि़त करने के मामले को लेकर राजकुमार, गुलाबचंद, नारायण और पन्ना लाल साहू एवं परिवार ने जनसुनवाई में शिकायत की थी। शिकायत में इन्होंने बताया कि साहू समाज के अध्यक्ष कैलाश साहू सहित अन्य पदाधिकारी उन्हें प्रताडि़त कर रहे हैं। दोनों ही पक्षों को आपसी विवाद न बढ़ाने के लिए समझाइशी दी जा चुकी है, लेकिन जब दोनों पक्षों ने जिला प्रशासन के फैसले को नहीं माना तब जाफता फौजदारी के तहत कार्रवाई करना पड़ी। दोनों पक्षों से धारा १०७ और ११६ के अंतर्गत अनुबंध कराया गया है। दोनों पक्षों से छह माह तक एक दूसरे को छींटाकशी और लड़ाई न करने का अनुबंध कराया है। प्रशासन के आदेश का कोई भी पक्ष इसका उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। बहिष्कृत व पीडि़त परिवार ने जिला प्रशासन पर उचित कार्रवाई न करने की बात कही है। उन्होंने कहा है अगर न्याय नहीं मिला तो वे जलसमाधि लेंगे। साहू समाज के अध्यक्ष कैलाश साहू ने बताया, जिला प्रशासन ने जो आदेश दिया है उसका पालन किया जाएगा। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें