-जब तक जमा नहीं होगी राशि, तब तक व्यापार नहीं
-मिलावट और अवैध परिवहन करना पड़ा महंगा
-एडीएम कोर्ट ने सुनवाई के बाद तय किया जुर्माना
मिलावट खोरों और तंबाकू गुटखा पाउचों का अवैध परिवाहन करने वालों को यह काम महंगा पड़ गया है। शनिवार को एडीएम उमाशंकर भागर्व ने इन लोगों पर २-२ लाख रुपए का जुर्माना ठोका है।
पहली बार तंबाकू गुटखा पाउच व मिलावटी मावे के परिवहन करने वालों पर जुर्माना किया गया है। इसके अतिरिक्त तीन दूध के ढबरों वालों, अवैध रूप से ब्रांडेड नमकीन बनाने वाले तथा अमानक स्तर की कोकोनट मलाईपेड़ा बेचने वाले पर भी जुर्माना किया गया है। एडीएम ने सात प्रकरणों में 4 लाख 65 हजार रुपए का जुर्माना किया है। जुर्माना बनाने के साथ आदेश भी जारी किए हैं कि जब तक आरोपी दण्ड की राशि जमा नहीं कर देगा वह व्यापार नहीं कर सकेगा।
-गुटखा लाना पड़ा महंगा
प्रतिबंध के बाद भी गुटखा पाउचों का परिवहन वाहन मालिक सुरेश कुमार बाधवानी और उसके ड्राइवर शेख युसूफ को महंगा पड़ा। एडीएम उमाशंकर भार्गव ने वाहन मालिक वाधवानी को डेढ़ लाख और वाहन चालक शेख युसूफ को पचास हजार रुपए अर्थदण्ड अधिरोपित किया है। 31/8/12 को दोपहर 2.30 बजे खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुणेश पटेल ने अन्य साथी अधिकारियों के साथ थाना कोतवाली द्वारा पकड़े गए महिंद्रा पिकअप वाहन को अपनी जब्ती में लिया था। इसे ड्रायवर शेख युसूफ चला रहा था। इसमें राजश्री गुटखा के 18 बंडल पाउच मिले। इसकी अनुमानित कीमत तीन लाख रुपए से अधिक थी। वाहन सुरेश वाधवानी का था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने प्रकरण पंजीबद्ध किया था। पक्ष- विपक्ष दोनों को सुनने के बाद एडीएम ने दोनों पर 2 लाख रुपए का जुर्माना किया।
-मिला मिलावटी मावा, दो जुर्माना
7/10/11 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र नुनईया सहित अन्य ने इतवारा स्थित पानी की टंकी के पास नवीन रिलायंस ट्रासंपार्ट से अस्सी डलिया मावा जब्त किया। जांच में मावा मिलावटी व अमानक स्तर का मिला। एडीएम ने इतवारा निवासी नवीन जैन के विरूद्ध दो लाख रुपए का जुर्माना किया है। मावे के सैंपल फेल होने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने एडीएम कोर्ट में प्रकरण लगाया। जांच में पता चला कि जैन बिना रजिस्ट्रेशन के अवमानक मावा का विक्रया और परिवहन कर रहे थे। जैन के खिलाफ धारा 51 में 1.25 लाख तथा धारा 58 के तहत 75 हजार रुपए का जुर्माना किया गया है।
-नकली कोकोनेट बेचा
बैरागढ़ स्थित लकी कन्फैक्शनरी के संचालक राजू दादलानी को अमानक स्तर का लवली क्लासिक कोकोनेट मलाई पेड़ा बेचना 25 हजार रुपए का पड़ा है। जिला दण्डाधिकारी उमाशंकर भार्गव ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दादलानी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना किया है। ज्ञात हो कि 29/11/11 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र नुनईया ने बैरागढ़ स्थित लकी कन्फैक्शनरी पर छापामार कार्रवाई की थी। यहां कोकोनट मलाई पेड़ा (पैक्ड) को विक्रय करते हुए पाया था। यह पैकेट असुरक्षित, अमानक व मिथ्याछाप नजर आ रहा था। जांच के बाद इसकी पुष्टि भी हो गई।
बिना लायसेंस बेच रहे थे नमकीन
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुणेश पटेल ने बैरागढ़ स्थित 151, साधु वासवानी स्कूल के पास एक मकान में छापामार कार्रवाई की। इस दौरान टीम को वहां पर भारी मात्रा में नमकीन बना मिला तथा नमकीन की फैक्ट्री भी चलती पाई गई। जब अधिकारियों ने मौके पर मौजूद मोहन कुमार मनवानी से जब नमकीन निर्माण के लिए रजिस्ट्रेशन या लायसेंस होने की बात पूछी गई तो उन्हेांने सात दिन में लायसेंस उपलब्ध कराने की बात कह दी। इस पर टीम ने तैयार नमकीन सहित 146 मधु नमकीन के पैकेट जिनमें यह नमकीन भरकर बेचा जाता था, जब्त किए। एडीएम ने श्री मनवानी पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 52 के तहत 7 हजार रुपए का तथा धारा 58 के तहत 3 हजार रुपए अर्थात कुल 10 हजार रुपए का जुर्माना किया है।
पानी मिलाकर बेचा था दूध
दूध में पानी मिलाकर मिलावटी दूध बेचने वाले तीन दूध विक्रेताओं पर भी एडीएम उमाशंकर भार्गव ने 10-10 हजार रुपए का जुर्माना किया है। प्रयोगशाला जांच में पाया गया है कि दूध में फेट निर्धारित मात्रा से कम है। इसके चलते तीनों पर प्रकरण बनाया गया और जुर्माना किया गया।
- पहला प्रकरण खाद्य सुरक्षा अधिकारी भोजराज सिंह धाकड़ ने 21-11-2011 को बनाया। उन्होंने बैरागढ़ चिचली, कोलार रोड पर कार्रवाई करते हुए एक मोटरसाईकिल पर सवार दूध विक्रेता मांगी लाल मीना को पकड़ा। जो दूध सप्लाई करने दो ढबरे लेकर घर-घर जाते हैं। दूध में मिलावट की आशंका के चलते सेंपल लेने के साथ साथ दूध बेचने का लायसेंय या रजिस्ट्रेशन भी श्री धाकड़ ने मांगा था, जो मांगी लाल उपलब्ध नहंी करवा सके।
- दूसरा प्रकरण अवतार सिंह निवासी शाहपुरा पर बना। उन्हें खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुणेश पटेल ने 21-11-2011 को ही कोलार रोड पर चैकिंग के दौरान पकड़ा था। अवतार सिंह मोटर साईकिल पर सवार थे तथा उनके पास दो ढबरों में दूध भरा हुआ था। दूध का सेंपल लेने के बाद लायसेंस या रजिस्ट्रेशन दिखाने की अवतार सिंह से मांग की गई तो उन्होंने लायसेंस न होने की बात कही।
- तीसरा प्रकरण बालाराम यादव निवासी बैरागढ़ कलां के खिलाफ बना। उन्हें 29-9-2011 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी धमेंद्र नुनईयां ने काला माता मंदिर सीहोर नाका के पास मोटरसाईकिल पर लदे ढबरों के साथ पकड़ा। श्री नुनईयां ने उसमें रखे दूध के सेंपल लिए। बालाराम के पास भी लायसेंस नहीं मिला।
-मिलावट और अवैध परिवहन करना पड़ा महंगा
-एडीएम कोर्ट ने सुनवाई के बाद तय किया जुर्माना
मिलावट खोरों और तंबाकू गुटखा पाउचों का अवैध परिवाहन करने वालों को यह काम महंगा पड़ गया है। शनिवार को एडीएम उमाशंकर भागर्व ने इन लोगों पर २-२ लाख रुपए का जुर्माना ठोका है।
पहली बार तंबाकू गुटखा पाउच व मिलावटी मावे के परिवहन करने वालों पर जुर्माना किया गया है। इसके अतिरिक्त तीन दूध के ढबरों वालों, अवैध रूप से ब्रांडेड नमकीन बनाने वाले तथा अमानक स्तर की कोकोनट मलाईपेड़ा बेचने वाले पर भी जुर्माना किया गया है। एडीएम ने सात प्रकरणों में 4 लाख 65 हजार रुपए का जुर्माना किया है। जुर्माना बनाने के साथ आदेश भी जारी किए हैं कि जब तक आरोपी दण्ड की राशि जमा नहीं कर देगा वह व्यापार नहीं कर सकेगा।
-गुटखा लाना पड़ा महंगा
प्रतिबंध के बाद भी गुटखा पाउचों का परिवहन वाहन मालिक सुरेश कुमार बाधवानी और उसके ड्राइवर शेख युसूफ को महंगा पड़ा। एडीएम उमाशंकर भार्गव ने वाहन मालिक वाधवानी को डेढ़ लाख और वाहन चालक शेख युसूफ को पचास हजार रुपए अर्थदण्ड अधिरोपित किया है। 31/8/12 को दोपहर 2.30 बजे खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुणेश पटेल ने अन्य साथी अधिकारियों के साथ थाना कोतवाली द्वारा पकड़े गए महिंद्रा पिकअप वाहन को अपनी जब्ती में लिया था। इसे ड्रायवर शेख युसूफ चला रहा था। इसमें राजश्री गुटखा के 18 बंडल पाउच मिले। इसकी अनुमानित कीमत तीन लाख रुपए से अधिक थी। वाहन सुरेश वाधवानी का था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने प्रकरण पंजीबद्ध किया था। पक्ष- विपक्ष दोनों को सुनने के बाद एडीएम ने दोनों पर 2 लाख रुपए का जुर्माना किया।
-मिला मिलावटी मावा, दो जुर्माना
7/10/11 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र नुनईया सहित अन्य ने इतवारा स्थित पानी की टंकी के पास नवीन रिलायंस ट्रासंपार्ट से अस्सी डलिया मावा जब्त किया। जांच में मावा मिलावटी व अमानक स्तर का मिला। एडीएम ने इतवारा निवासी नवीन जैन के विरूद्ध दो लाख रुपए का जुर्माना किया है। मावे के सैंपल फेल होने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने एडीएम कोर्ट में प्रकरण लगाया। जांच में पता चला कि जैन बिना रजिस्ट्रेशन के अवमानक मावा का विक्रया और परिवहन कर रहे थे। जैन के खिलाफ धारा 51 में 1.25 लाख तथा धारा 58 के तहत 75 हजार रुपए का जुर्माना किया गया है।
-नकली कोकोनेट बेचा
बैरागढ़ स्थित लकी कन्फैक्शनरी के संचालक राजू दादलानी को अमानक स्तर का लवली क्लासिक कोकोनेट मलाई पेड़ा बेचना 25 हजार रुपए का पड़ा है। जिला दण्डाधिकारी उमाशंकर भार्गव ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दादलानी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना किया है। ज्ञात हो कि 29/11/11 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र नुनईया ने बैरागढ़ स्थित लकी कन्फैक्शनरी पर छापामार कार्रवाई की थी। यहां कोकोनट मलाई पेड़ा (पैक्ड) को विक्रय करते हुए पाया था। यह पैकेट असुरक्षित, अमानक व मिथ्याछाप नजर आ रहा था। जांच के बाद इसकी पुष्टि भी हो गई।
बिना लायसेंस बेच रहे थे नमकीन
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुणेश पटेल ने बैरागढ़ स्थित 151, साधु वासवानी स्कूल के पास एक मकान में छापामार कार्रवाई की। इस दौरान टीम को वहां पर भारी मात्रा में नमकीन बना मिला तथा नमकीन की फैक्ट्री भी चलती पाई गई। जब अधिकारियों ने मौके पर मौजूद मोहन कुमार मनवानी से जब नमकीन निर्माण के लिए रजिस्ट्रेशन या लायसेंस होने की बात पूछी गई तो उन्हेांने सात दिन में लायसेंस उपलब्ध कराने की बात कह दी। इस पर टीम ने तैयार नमकीन सहित 146 मधु नमकीन के पैकेट जिनमें यह नमकीन भरकर बेचा जाता था, जब्त किए। एडीएम ने श्री मनवानी पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 52 के तहत 7 हजार रुपए का तथा धारा 58 के तहत 3 हजार रुपए अर्थात कुल 10 हजार रुपए का जुर्माना किया है।
पानी मिलाकर बेचा था दूध
दूध में पानी मिलाकर मिलावटी दूध बेचने वाले तीन दूध विक्रेताओं पर भी एडीएम उमाशंकर भार्गव ने 10-10 हजार रुपए का जुर्माना किया है। प्रयोगशाला जांच में पाया गया है कि दूध में फेट निर्धारित मात्रा से कम है। इसके चलते तीनों पर प्रकरण बनाया गया और जुर्माना किया गया।
- पहला प्रकरण खाद्य सुरक्षा अधिकारी भोजराज सिंह धाकड़ ने 21-11-2011 को बनाया। उन्होंने बैरागढ़ चिचली, कोलार रोड पर कार्रवाई करते हुए एक मोटरसाईकिल पर सवार दूध विक्रेता मांगी लाल मीना को पकड़ा। जो दूध सप्लाई करने दो ढबरे लेकर घर-घर जाते हैं। दूध में मिलावट की आशंका के चलते सेंपल लेने के साथ साथ दूध बेचने का लायसेंय या रजिस्ट्रेशन भी श्री धाकड़ ने मांगा था, जो मांगी लाल उपलब्ध नहंी करवा सके।
- दूसरा प्रकरण अवतार सिंह निवासी शाहपुरा पर बना। उन्हें खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुणेश पटेल ने 21-11-2011 को ही कोलार रोड पर चैकिंग के दौरान पकड़ा था। अवतार सिंह मोटर साईकिल पर सवार थे तथा उनके पास दो ढबरों में दूध भरा हुआ था। दूध का सेंपल लेने के बाद लायसेंस या रजिस्ट्रेशन दिखाने की अवतार सिंह से मांग की गई तो उन्होंने लायसेंस न होने की बात कही।
- तीसरा प्रकरण बालाराम यादव निवासी बैरागढ़ कलां के खिलाफ बना। उन्हें 29-9-2011 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी धमेंद्र नुनईयां ने काला माता मंदिर सीहोर नाका के पास मोटरसाईकिल पर लदे ढबरों के साथ पकड़ा। श्री नुनईयां ने उसमें रखे दूध के सेंपल लिए। बालाराम के पास भी लायसेंस नहीं मिला।
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