मेट्रो टैक्सी चलाने वाले ड्रायवरों के साथ मेट्रो टैक्सी का संचालन करने वाली सेम इंटरप्राईजेस के संचालक, विन विन मोटर्स डीलर और पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों ने धोखाधड़ी की है। कलेक्टर की जनसुनवाई में यह आरोप लगाया ड्रायवर सचिन साहू ने। जनसुनवाई में कुल 106 शिकायती आवेदन आए।
साहू ने सुनवाई कर रहे अपर कलेक्टर बसंत कुर्रे ने बताया कि सेम इंटरप्राईजेस के संचालक अथर खान, सीईओ फैज ने ड्रायवरों से एक मुश्त व किश्तों में हजारों रुपए जमा करवा लिए हैं। सभी चालकों के नाम से पंजाब नेशनल बैंक टीटी नगर शाखा के अधिकारियों से मिली भगत कर लोन ले लिया। इसके लिए बकायदा फर्जी तरीके से हमारे हस्ताक्षर लिए। संचालक स्टॉम्प ड्यूटी के नाम पर सभी से 3 से 4 हजार रुपए वसूल चुका है। यह गाडिय़ां न हमारे नाम हुई हैं। बावजूद इसके बैंक ड्रायवरों पर ढाई से चार लाख रुपए तक का लोन बता रहा है। साहू ने बताया कि आरटीओ में अभी तक ये सभी गाडिय़ां विन विन मोटर्स के नाम पर दर्ज हैं। अब बैंक की किस्ते जमा करने के ड्रायवरों को डराया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए बसंत कुर्रे ने संबंधित विभाग के अधिकारी को जांच के निर्देश दिए। एसडीएम शहर वृत्त जीएस धुर्वे ने सभी आवेदकों की समस्याएं सुनीं।
-सचिव मांग रहा रिश्वत
बाबूखेड़ी निवासी मूलचंद ने सुनवाई के दौरान पंचायत सचिव पर आरोप लगाया कि वह कूप निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के बाद ग्रामीणों से २० प्रतिशत राशि मांग रहा है। यह कूप निर्माण ग्राम बाबूखेड़ी सहित सूरजपुरा व उमरिया में हुए हैं। मूलचंद ने बताया कि पंचायत सचिव सभी से राशि दिए जाने की मांग कर रहा है। सरजूपुरा निवासी बद्रीलाल ने बताया कि कूप निर्माण के लिए की गई ब्लास्टिंग की राशि का भुगतान सचिव द्वारा न किए जाने का आरोप लगाया है। यहीं नहीं उमरिया के कन्हैयालाल ने अपने आवेदन में बताया है कि कूप निर्माण कार्य 2008 में प्रारंभ किया गया था, इसकी खुदाई केवल 30 फिट ही हुई है, जबकि सरपंच व सचिव ने माह फरवरी -मार्च 2012 में सीसी जारी करवा दी है।
साहू ने सुनवाई कर रहे अपर कलेक्टर बसंत कुर्रे ने बताया कि सेम इंटरप्राईजेस के संचालक अथर खान, सीईओ फैज ने ड्रायवरों से एक मुश्त व किश्तों में हजारों रुपए जमा करवा लिए हैं। सभी चालकों के नाम से पंजाब नेशनल बैंक टीटी नगर शाखा के अधिकारियों से मिली भगत कर लोन ले लिया। इसके लिए बकायदा फर्जी तरीके से हमारे हस्ताक्षर लिए। संचालक स्टॉम्प ड्यूटी के नाम पर सभी से 3 से 4 हजार रुपए वसूल चुका है। यह गाडिय़ां न हमारे नाम हुई हैं। बावजूद इसके बैंक ड्रायवरों पर ढाई से चार लाख रुपए तक का लोन बता रहा है। साहू ने बताया कि आरटीओ में अभी तक ये सभी गाडिय़ां विन विन मोटर्स के नाम पर दर्ज हैं। अब बैंक की किस्ते जमा करने के ड्रायवरों को डराया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए बसंत कुर्रे ने संबंधित विभाग के अधिकारी को जांच के निर्देश दिए। एसडीएम शहर वृत्त जीएस धुर्वे ने सभी आवेदकों की समस्याएं सुनीं।
-सचिव मांग रहा रिश्वत
बाबूखेड़ी निवासी मूलचंद ने सुनवाई के दौरान पंचायत सचिव पर आरोप लगाया कि वह कूप निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के बाद ग्रामीणों से २० प्रतिशत राशि मांग रहा है। यह कूप निर्माण ग्राम बाबूखेड़ी सहित सूरजपुरा व उमरिया में हुए हैं। मूलचंद ने बताया कि पंचायत सचिव सभी से राशि दिए जाने की मांग कर रहा है। सरजूपुरा निवासी बद्रीलाल ने बताया कि कूप निर्माण के लिए की गई ब्लास्टिंग की राशि का भुगतान सचिव द्वारा न किए जाने का आरोप लगाया है। यहीं नहीं उमरिया के कन्हैयालाल ने अपने आवेदन में बताया है कि कूप निर्माण कार्य 2008 में प्रारंभ किया गया था, इसकी खुदाई केवल 30 फिट ही हुई है, जबकि सरपंच व सचिव ने माह फरवरी -मार्च 2012 में सीसी जारी करवा दी है।
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