जो व्यक्ति काम करता है और काम के लिए किसी की नहीं सुनता उसे सरकार तवज्जै नहीं देती। काम करने वालों को पद से ही हटा दिया जाता है। यही नगर निगम आयुक्त रजनीश श्रीवास्तव के साथ किया गया। सरकार के दवाब में सामान्य प्रशासन विभाग ने यह आदेश जारी किया। यह आरोप लगाए हैं प्रमुख कर्मचारी यूनियन इंटक के प्रदेशाध्यक्ष आरडी त्रिपाठी ने।
त्रिपाठी ने कहा प्रशासन ने यह फैसला आनन-फानन में लिया। आईएएस अधिकारी श्रीवास्तव को आयुक्त पद से हटाने से यह साबित होता है कि भोपाल नगर निगम प्रशासन और राज्य शासन को ईमानदार अधिकारियों की जरूरत नहीं है। त्रिपाठी ने सरकार पर आरोप लागने के साथ इस निर्णय पर विरोध जताया। त्रिपाठी ने कहा 10 अक्टूबर को बीएचईएल कारखाने में भीषण आगजनी के दौरान तत्कालीन निगम आयुक्त श्री श्रीवास्तव ने ही तत्परता दिखाई और दमकलें भिजवाई। खबर मिली तो कलेक्टर निकुंज श्रीवास्तव भी पहुंचे और बीएचईएल प्रशासन को पूरी मदद की। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण और जिम्मेदार पदों पर पदस्थ अधिकारियों को हटाने से पहले शासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए कि इन्हें हटाया जाएगा तो न काम करने वालों की तादात बढ़ेगी। साथ ही जनता परेशान होगी। इसका परिणाम सरकार को ही झेलना होगा।
त्रिपाठी ने कहा प्रशासन ने यह फैसला आनन-फानन में लिया। आईएएस अधिकारी श्रीवास्तव को आयुक्त पद से हटाने से यह साबित होता है कि भोपाल नगर निगम प्रशासन और राज्य शासन को ईमानदार अधिकारियों की जरूरत नहीं है। त्रिपाठी ने सरकार पर आरोप लागने के साथ इस निर्णय पर विरोध जताया। त्रिपाठी ने कहा 10 अक्टूबर को बीएचईएल कारखाने में भीषण आगजनी के दौरान तत्कालीन निगम आयुक्त श्री श्रीवास्तव ने ही तत्परता दिखाई और दमकलें भिजवाई। खबर मिली तो कलेक्टर निकुंज श्रीवास्तव भी पहुंचे और बीएचईएल प्रशासन को पूरी मदद की। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण और जिम्मेदार पदों पर पदस्थ अधिकारियों को हटाने से पहले शासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए कि इन्हें हटाया जाएगा तो न काम करने वालों की तादात बढ़ेगी। साथ ही जनता परेशान होगी। इसका परिणाम सरकार को ही झेलना होगा।
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