शहर के आपे चालक बुधवार को अचानक लामबंद हो गए। आपे चालकों ने आरोप लगाया कि टे्रफिक टीआई विलास बाघमारे हफ्ता वसूली करता है। पैसे न देने पर टीआई और ट्रेफिक पुलिस गाड़ी बंद कर देते हैं। पुलिस के रवैये से चालक खौफजादा हैं।
सुबह और दोपहर के समय ट्रेफिक पुलिस से चालकों की बहस हुई। यह बहस कुछ मिनट बाद बढ़ गई। इसके बाद अस्सी फीट रोड, दशहरा मैदान के सामने करीब २५० आपे चालक इक्कठे हो गए। इनके हाथों में 'ट्रेफिक पुलिस की मनमानी नहीं चलेगी, नहीं चलेगीÓ और 'टीआई बाघमारे को हटाओ' के नारे लिखी तख्तियां थीं। लामबंद आपे चालकों का कहना था कि स्टेशन, सब्जी मंडी, अशोका गार्डन और सुभाष फाटक सवारी भरने से पहले टे्रफिक पुलिस से ४४० की पर्ची कटवानी पड़ती है। इसके बाद ही आपे आगे बढ़ पाता है। इसके अलावा सप्ताह में एक बार टीआई साहब को चढ़ौतरी देनी होती है।
इस दौरान मौके पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष पीसी शर्मा ने चालकों की समस्या सुनी और पुलिस प्रशासन में वरिष्ठ अधिकारियों से बात की। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा- टीआई की मनमानी चल रही है, अगर यह नहीं रुकी तो पुलिस महानिदेशक से बात की जाएगी। ट्रेफिक पुलिस बेवजह आपे चालक व आटा चालकों को परेशान कर रही है। चालकों ने बताया कि तीन दिन पहले जमील खान नाम का चालक सब्जी मंडी से गाड़ी लेकर निकल रहा था तभी टे्रफिक पुलिस ने उसे रोकना चाहा। चूंकि पुलिस वाले ४०० रुपए की मांग करते इसके चलते उसने हड़बड़ी में गाड़ी वहां से निकाली, कुछ देर बाद पता चला कि जमील को हार्टअटैक आ गया।
-फिर भी बनाते हैं चालान
आपे चालकों ने बताया कि गाड़ी के सभी कागजात सही होने और हमारे ड्रेस व नेम प्लेट लगाने के बाद भी चालान काटा जाता है। इसका हम कई बार विरोध कर चुके हैं, लेकिन नहीं सुनी जाती। इसको लेकर हमने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी है, पर टीआई को न हटाया गया न टीआई ने अपना रवैया सुधारा। टीआई चालकों से गाली गलोच करता है। कुछ चालकों को पुलिस वालों ने बिना वजह पीटा भी।
-बदतमीजी की और मारने लगे
मैं स्टेशन चौराहे से अशोका गार्डन सवारी भरकर आ रहा था। उसी वक्त तीन-चार ट्रेफिक पुलिस वालों ने गाड़ी रोकी और पैसे की मांग करने लगे। इस दौरान उन्होंने बदतमीजी की और मुझे मारने लगे।
अय्यूब खान, आपे चालक
-हम मजबूर हैं
टीआई साहब चालकों के साथ बदसलूकी करते हैं। बिना वजह चालान काटा जाता है। मैं दो दिन पहले ही आपे कोर्ट से लेकर आया हूंं। ट्रेफिक पुलिस की इन हरकतों के कारण हम मजबूर हो चुके हैं।
मो. सलीम, आपे चालक
सुबह और दोपहर के समय ट्रेफिक पुलिस से चालकों की बहस हुई। यह बहस कुछ मिनट बाद बढ़ गई। इसके बाद अस्सी फीट रोड, दशहरा मैदान के सामने करीब २५० आपे चालक इक्कठे हो गए। इनके हाथों में 'ट्रेफिक पुलिस की मनमानी नहीं चलेगी, नहीं चलेगीÓ और 'टीआई बाघमारे को हटाओ' के नारे लिखी तख्तियां थीं। लामबंद आपे चालकों का कहना था कि स्टेशन, सब्जी मंडी, अशोका गार्डन और सुभाष फाटक सवारी भरने से पहले टे्रफिक पुलिस से ४४० की पर्ची कटवानी पड़ती है। इसके बाद ही आपे आगे बढ़ पाता है। इसके अलावा सप्ताह में एक बार टीआई साहब को चढ़ौतरी देनी होती है।
इस दौरान मौके पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष पीसी शर्मा ने चालकों की समस्या सुनी और पुलिस प्रशासन में वरिष्ठ अधिकारियों से बात की। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा- टीआई की मनमानी चल रही है, अगर यह नहीं रुकी तो पुलिस महानिदेशक से बात की जाएगी। ट्रेफिक पुलिस बेवजह आपे चालक व आटा चालकों को परेशान कर रही है। चालकों ने बताया कि तीन दिन पहले जमील खान नाम का चालक सब्जी मंडी से गाड़ी लेकर निकल रहा था तभी टे्रफिक पुलिस ने उसे रोकना चाहा। चूंकि पुलिस वाले ४०० रुपए की मांग करते इसके चलते उसने हड़बड़ी में गाड़ी वहां से निकाली, कुछ देर बाद पता चला कि जमील को हार्टअटैक आ गया।
-फिर भी बनाते हैं चालान
आपे चालकों ने बताया कि गाड़ी के सभी कागजात सही होने और हमारे ड्रेस व नेम प्लेट लगाने के बाद भी चालान काटा जाता है। इसका हम कई बार विरोध कर चुके हैं, लेकिन नहीं सुनी जाती। इसको लेकर हमने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी है, पर टीआई को न हटाया गया न टीआई ने अपना रवैया सुधारा। टीआई चालकों से गाली गलोच करता है। कुछ चालकों को पुलिस वालों ने बिना वजह पीटा भी।
-बदतमीजी की और मारने लगे
मैं स्टेशन चौराहे से अशोका गार्डन सवारी भरकर आ रहा था। उसी वक्त तीन-चार ट्रेफिक पुलिस वालों ने गाड़ी रोकी और पैसे की मांग करने लगे। इस दौरान उन्होंने बदतमीजी की और मुझे मारने लगे।
अय्यूब खान, आपे चालक
-हम मजबूर हैं
टीआई साहब चालकों के साथ बदसलूकी करते हैं। बिना वजह चालान काटा जाता है। मैं दो दिन पहले ही आपे कोर्ट से लेकर आया हूंं। ट्रेफिक पुलिस की इन हरकतों के कारण हम मजबूर हो चुके हैं।
मो. सलीम, आपे चालक
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