लोक सेवा केन्द्र पूर्व से लागू सेवाएं समय पर दे नहीं पा रहा है अब नई सेवाएं और जोड़ दी गई हैं। नवीन जोड़ी गई सेवाओं में बिजली कनेक्शन, हैण्डपंप में सुधार, नल कनेक्शन सहित वन विभाग सेवाओं को शामिल किया गया है। इन्हें तीनों लोक सेवा केन्द्रों से नववर्ष की शुरुआत कर दी है।
इसी के साथ 15 विभागों की कुल 48 सेवाएं अब दी जा रही हैं। इनमें दो विभागों की चार सेवाओं शुरू नहीं किया जा सका है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 16 विभागों की 52 सेवाएं चिन्हित की गई थीं। ये सेवाएं 25 सितंबर से पीपीपी मोड के तहत संचालित तीनों लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से दी जानी थीं।
उल्लेखनीय है कि शहर में पीपीपी मोड के तहत कलेक्टे्रट कार्यालय के अतिरिक्त राजभवन के पास गैस राहत शेड और गोविन्दपुरा में एक स्कूल में केन्द्र खोले गए हैं। इनमें एनआईसी द्वारा तैयार किए सॉफ्टवेयर के जरिए आवेदन को स्केन किया जा रहा है। हालांकि सॉफ्टवेयर में दिक्कते कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। केन्द्रों के जरिए 6 विभागों की 20 सेवाएं दी जा रहीं थी। हालंाकि दिसंबर 2012 में श्रम विभाग की सेवाएं शुरू की गई थी। यहां गौर करने वाली बात यह है कि निजी लोक सेवा केन्द्रों से अब भी आय और स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र समय पर नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे में आवेदक परेशान हो रहे हैं। बावजूद इसके सेवाओं में विस्तार किया गया, जबकि सेवाएं आवेदक को समय से मिलें इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए था। वहीं किसानों को अब भी खसरा-बी-1 की नकलें समय से नहीं मिल पा रही हैं। साथ पंचशाला खसरे केन्द्रों से दिए जाने साफ मना किया जा रहा है।
-इनकी हुई शुरुआत
स्वास्थ्य विभाग की राज्य बीमारी सहायता निधि के प्रकरणों की स्वीकृति, विकलांगता प्रमाणपत्र, दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना कार्ड जारी करना, ऊर्जा विभाग की निम्न दाब के व्यक्तिगत नए कनेक्शन के लिए मांगपत्र और कनेक्शन देना, अस्थाई बिजली कनेक्शन, मीटर सुधारना, बिजली कनेक्शन काटना, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी की हैंडपंपों को सुधारने, नगरीय प्रशासन विभाग की नए नल कनेक्शन देना आदि को शामिल किया गया है। वहीं पशु हानि पर राहत राशि देना, काष्ठ परिवहन का अनुज्ञा पत्र देना, गृह विभाग में शस्त्र लायसेंस का नवीनीकरण, राजस्व विभाग की नजूल अनापत्ति प्रमाणपत्र, प्राकृतिक प्रकोप से नुकसान के मामले में आर्थिक सहायता आदि भी शामिल हैं।
वर्जन
15 विभागों की 48 सेवाएं केन्द्रों से दी जा रही हैं। इनकी शुरुआत नववर्ष के साथ ही की गई है। परिवहन विभाग की सेवाएं भी जल्द शुरू होंगी।
लोकेश गुप्ता, जिला प्रबंधक , लोक सेवा केन्द्र
इसी के साथ 15 विभागों की कुल 48 सेवाएं अब दी जा रही हैं। इनमें दो विभागों की चार सेवाओं शुरू नहीं किया जा सका है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 16 विभागों की 52 सेवाएं चिन्हित की गई थीं। ये सेवाएं 25 सितंबर से पीपीपी मोड के तहत संचालित तीनों लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से दी जानी थीं।
उल्लेखनीय है कि शहर में पीपीपी मोड के तहत कलेक्टे्रट कार्यालय के अतिरिक्त राजभवन के पास गैस राहत शेड और गोविन्दपुरा में एक स्कूल में केन्द्र खोले गए हैं। इनमें एनआईसी द्वारा तैयार किए सॉफ्टवेयर के जरिए आवेदन को स्केन किया जा रहा है। हालांकि सॉफ्टवेयर में दिक्कते कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। केन्द्रों के जरिए 6 विभागों की 20 सेवाएं दी जा रहीं थी। हालंाकि दिसंबर 2012 में श्रम विभाग की सेवाएं शुरू की गई थी। यहां गौर करने वाली बात यह है कि निजी लोक सेवा केन्द्रों से अब भी आय और स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र समय पर नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे में आवेदक परेशान हो रहे हैं। बावजूद इसके सेवाओं में विस्तार किया गया, जबकि सेवाएं आवेदक को समय से मिलें इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए था। वहीं किसानों को अब भी खसरा-बी-1 की नकलें समय से नहीं मिल पा रही हैं। साथ पंचशाला खसरे केन्द्रों से दिए जाने साफ मना किया जा रहा है।
-इनकी हुई शुरुआत
स्वास्थ्य विभाग की राज्य बीमारी सहायता निधि के प्रकरणों की स्वीकृति, विकलांगता प्रमाणपत्र, दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना कार्ड जारी करना, ऊर्जा विभाग की निम्न दाब के व्यक्तिगत नए कनेक्शन के लिए मांगपत्र और कनेक्शन देना, अस्थाई बिजली कनेक्शन, मीटर सुधारना, बिजली कनेक्शन काटना, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी की हैंडपंपों को सुधारने, नगरीय प्रशासन विभाग की नए नल कनेक्शन देना आदि को शामिल किया गया है। वहीं पशु हानि पर राहत राशि देना, काष्ठ परिवहन का अनुज्ञा पत्र देना, गृह विभाग में शस्त्र लायसेंस का नवीनीकरण, राजस्व विभाग की नजूल अनापत्ति प्रमाणपत्र, प्राकृतिक प्रकोप से नुकसान के मामले में आर्थिक सहायता आदि भी शामिल हैं।
वर्जन
15 विभागों की 48 सेवाएं केन्द्रों से दी जा रही हैं। इनकी शुरुआत नववर्ष के साथ ही की गई है। परिवहन विभाग की सेवाएं भी जल्द शुरू होंगी।
लोकेश गुप्ता, जिला प्रबंधक , लोक सेवा केन्द्र
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