कश्मकश और जोड़-तोड़ के बाद मात्र दो-दो मतों ने कृषि उपज मंडी भोपाल और बैरसिया में अध्यक्ष का फैसला कर दिया। इससे पहले पद पर आसीन होने उम्मीदवारों ने खासी मशक्कत की थी। सोमवार को दिन भर चली दौड़ धूप के बाद शाम 4 बजे विजेता की घोषणा की गई।
समिति सदस्यों के चुनाव के बाद से अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद पर आसीन होने जी-तोड़ मेहन जारी थी। सोमवार सुबह ११ बजे अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। इसके बाद ३ से ४ बजे का समय नाम वापसी के लिए दिया गया था। इसके बाद 5 से 6 बजे मतगणना का वक्त था। राजधानी भोपाल श्यामा पाटीदार दो वोटों से विजयी हुई। बैरसिया में सत्यनारायण यादव भी दो वोटों से अध्यक्ष पद पर आसीन हो गए। श्यामा जहां भाजपा समर्थित हैं, वहीं सत्यनारायण को कांग्रेस का समर्थन मिला। विजयी समाचार आने से पहले तक दोनो और सहयोगी सदस्यों (मतदाताओं) को अपने पक्ष में मत करने की अपील करते देखे गए। बैरसिया में इससे पहले वर्तमान विधायक ब्रह्मानन्द रत्नाकर बैरसिया में मंडी अध्यक्ष थे। राजधानी भोपाल में श्यामा पाटीदार की जीत पूर्व से ही सुनिश्चित मानी जा रही थी। इस पर सोमवार को मोहर भी लग गई। श्यामा को मंडी के पूर्व अध्यक्ष व उनके पति भागीरथ पाटीदार जो खुद भाजपा समर्थित हैं, लोगों से संवाद काम आया।
बैरसिया में निकाला जुलूस
सत्यनारायण वार्ड-५ से सदस्य के तौर पर विजयी हुए थे। इसके बाद स्थानीय तौर पर पहले ही उन्हें कांगे्रस का प्रत्याशी माना जा रहा था, जिसे पार्टी के स्थानीय नेताओं ने उनके विजयी होने के साथ मान भी लिया। सत्यनारायण के विपक्ष में वार्ड-8 से पवन सिंह जाट थे। पवन को भाजपा का समर्थित उम्मीदवार माना गया। विजेता घोषित होने के साथ ही सत्यनारायण के समर्थकों ने शहर में विजयी जुलूस निकाला।
-काम आया समर्थन
रविवार को जहां भोपाल मंडी में नवनिर्वाचित सदस्यों के बीच घमासान था। वहीं शाम को स्थिति साफ हो गई। पहले ही अधिकांश प्रत्याशी श्यामा के समर्थन में थे, लेकिन मात्र दो मतों का अंतर चौकाने वाला रहा। श्यामा को अन्य सदस्यों के मत मिलने की भी उम्मीद थी। हालांकि जीत के बाद उनके खेमे में हर्ष का माहौल हो उठा। इसके बाद श्यामा भागीरथ पाटीदार ने समर्थकों के साथ विजयी निकालते हुए नगर भ्रमण किया। जीते के लिए मतदाताओं का धन्यवाद दिया।
समिति सदस्यों के चुनाव के बाद से अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद पर आसीन होने जी-तोड़ मेहन जारी थी। सोमवार सुबह ११ बजे अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। इसके बाद ३ से ४ बजे का समय नाम वापसी के लिए दिया गया था। इसके बाद 5 से 6 बजे मतगणना का वक्त था। राजधानी भोपाल श्यामा पाटीदार दो वोटों से विजयी हुई। बैरसिया में सत्यनारायण यादव भी दो वोटों से अध्यक्ष पद पर आसीन हो गए। श्यामा जहां भाजपा समर्थित हैं, वहीं सत्यनारायण को कांग्रेस का समर्थन मिला। विजयी समाचार आने से पहले तक दोनो और सहयोगी सदस्यों (मतदाताओं) को अपने पक्ष में मत करने की अपील करते देखे गए। बैरसिया में इससे पहले वर्तमान विधायक ब्रह्मानन्द रत्नाकर बैरसिया में मंडी अध्यक्ष थे। राजधानी भोपाल में श्यामा पाटीदार की जीत पूर्व से ही सुनिश्चित मानी जा रही थी। इस पर सोमवार को मोहर भी लग गई। श्यामा को मंडी के पूर्व अध्यक्ष व उनके पति भागीरथ पाटीदार जो खुद भाजपा समर्थित हैं, लोगों से संवाद काम आया।
बैरसिया में निकाला जुलूस
सत्यनारायण वार्ड-५ से सदस्य के तौर पर विजयी हुए थे। इसके बाद स्थानीय तौर पर पहले ही उन्हें कांगे्रस का प्रत्याशी माना जा रहा था, जिसे पार्टी के स्थानीय नेताओं ने उनके विजयी होने के साथ मान भी लिया। सत्यनारायण के विपक्ष में वार्ड-8 से पवन सिंह जाट थे। पवन को भाजपा का समर्थित उम्मीदवार माना गया। विजेता घोषित होने के साथ ही सत्यनारायण के समर्थकों ने शहर में विजयी जुलूस निकाला।
-काम आया समर्थन
रविवार को जहां भोपाल मंडी में नवनिर्वाचित सदस्यों के बीच घमासान था। वहीं शाम को स्थिति साफ हो गई। पहले ही अधिकांश प्रत्याशी श्यामा के समर्थन में थे, लेकिन मात्र दो मतों का अंतर चौकाने वाला रहा। श्यामा को अन्य सदस्यों के मत मिलने की भी उम्मीद थी। हालांकि जीत के बाद उनके खेमे में हर्ष का माहौल हो उठा। इसके बाद श्यामा भागीरथ पाटीदार ने समर्थकों के साथ विजयी निकालते हुए नगर भ्रमण किया। जीते के लिए मतदाताओं का धन्यवाद दिया।
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