गुरुवार, 28 फ़रवरी 2013

कठिन टै्रनिंग के भय से लापता होते हैं सैनिक

-सदन में गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने बताया लापता का कारण
्रभोपाल।

 आर्मी एवं अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों के सैनिक  कठिन ट्रैनिंग के वजह से लापता हो जाते हैं। इसके लिए संबंधित एजेंसी एवं सैनिकों के परिजनों द्वारा पुलिस में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया तो जाता है, लेकिन परिजनों द्वारा पुलिस को बाद में कोई सूचना नहीं दी जाती है। जिससे उन्हें तलाशने में परेशानी होती है। यह बात गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने प्रश्नकाल के दौरान विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया के सवाल के जवाब में दी।
ु    गृहमंत्री ने बताया कि 1 जुलाई 2010 से अभी तक प्रदेश में 64 सैनिक लापता हुए हैं। जिनमेें से बीएसएफ टैनिंग सेंटर इंदौर से 22 सैनिक , सीआईएसएफ कैंप खरगोन से 5 सैनिक एवं जबलपुर सैनिक मिलट्री कैंप से 10 सैनिक लापता हुए हैं। जबकि ग्वालियर, शिवपुरी, भिण्ड, दतिया, इंदौर, देवास, कटनी, सिवनी, सागर, पन्ना, वालाघाट, अनूपपुर, होशंगाबाद एवं बैतूल से एक-एक सैनिक लापता हुआ है। वहीं खंडवा से 2, भोपाल से 3 सैनिक लापता हुए हैं। इसके अलावा जीआरपी पुलिस ने 5 सैनिकों के लापता होने का मामला दर्ज किए।

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